Thursday, 18 August 2016

बहन

एक बहन ने अपने भाई को एक मार्मिक संदेश भेजा है जिसे मै यहां शेयर कर रहा हूं...ये कहानी या लेखन की उपज नही है वरन यथार्थ है........
..निर्विववाद रूप से "लड़की" के लिए दुनिया का सबसे बुरा संबोधन क्या होता है ????? "मोटी"...लेकिन लेकिन.. शायद ही कोई हिंदुस्तानी लड़की हो जो अपने भाई द्वारा इस नाम से न पुकारी गयी हो । लड़की चाहे लाख कुपोषित हो , डॉक्टर्स अंडर वेट कह वज़न बढ़ाने की दवा दे फिर भी भाई "मोटी" कहने से बाज़ नही आएगा । कभी लाड़ में तो कभी लड़ाई झगड़े में "मोटी" । दूसरा लक्षण एक हिंदुस्तानी भाई का यह है कि उनके खिंचने से शायद ही किसी बहन की चोटी बची हो ।लड़ाई झगड़े में ये चोटी सबसे कमजोर कड़ी साबित होती है ।
बचपन की इस सारी नोक झोंक में हमेशा भाई ही डॉन होता है आखिर भाई.. "भाई".. है हाहाहा। फिर भी उसे शिकायत होती है बहन से,... बहुत इतराती है , ..नखरे दिखाती है , ...सबके आगे सीधी बनती है , लगी वगी कुछ नही झूठ का रोती है । भाई छोटा हो या बड़ा होश सम्हालते ही बहन को नियंत्रित करना सीख जाता है । हालांकि कई बार ये टोका टाकी खीज पैदा करती है लेकिन कही न कही इसमें बहन के प्रति फ़िक्र होती है । लड़कियां कितना भी लड़े झगडे लेकिन उन्हें अपना औसत दर्जे का भाई भी "हीरो" लगता है । नोक झोंक भरे "टॉम और जेरी" के चूहे बिल्ली वाले रिश्ते का गाढ़ापन तो बहन की विदाई के बाद ही पता चलता है । लड़के अक्सर अपने गाम्भीर्य में प्यार के इस नाज़ुक अहसास को कठोरता के आवरण में छिपाये फिरते है । कभी वक़्त के साथ , कभी भगौलिक दूरियों की वज़ह से कभी किसी भावनात्मक चोट से या कभी किसी एक के अहम् के आड़े आने पर कई बार इस खूबसूरत रिश्ते में दरार आ जाती है या बंधन शिथिल पड़ने लगते है । कई दफा माता पिता की चिंता या भाभी से तालमेल के अभाव में अनचाहे ही इन रिश्तों में दूरियाँ आ जाती है । फिर भी यकीन मानिए बाज़ार में लटकती "राखियां" देख हर बहन के आगे मुस्काता सा बचपन के उस झगड़ालू भाई का चेहरा बन जाता है ,जिस पर बेशुमार प्यार आता है । रक्षा बंधन वो दिन होता है जिसके एक सप्ताह पहले से काउंट डाउन शुरू हो जाता है । जाने क्या है ये रिश्ता भाई गर बहन से बड़ा हो तो "पिता" बन जाता है और बहन अगर भाई से बड़ी हो तो "माँ" बन जाती है । मुसीबत या दुःख के वक़्त जेहन में सबसे पहले आने वाला यह सबसे भरोसे का रिश्ता होता है । इस विश्वास की आँच में सारी मुसीबते ,गम पिघल जाते है और मन हल्का हो जाता है । किसी भी , किसी भी वज़ह से इस प्रगाढ़ रिश्ते में अगर नाराजगी हो तब भी किसी के खामोश इंतज़ार को जाया मत होने दीजिए ।बात जब अपनों की हो तो झुकना फायदे का सौदा होता है ।
........"मुसीबत गयी कह "विदाई" में हँस के गले लगाया था ,
.......वो सबसे छुप के रोया बहुत ,सुर्ख आँखों ने बताया था "
भाई बहन के प्यार के प्रतीक इस पावन पर्व की सभी को शुभकामनाएं ।।।

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